शिक्षा का महत्व

कभी विचार किया है कि जब बच्चों की फीस 12 माह की जमा करते हैं तो अध्यापकों को 10 माह का वेतन क्यो देते स्कूल प्रबंधन? कभी विचार किया है कि जब शिक्षा भारत में ब्यवसाय नहीं है तो शिक्षा का बाज़ारूकरण क्यो हो रहा है? कभी सोचा है कि जिस ब्यवस्था पर आज तकपढ़ना जारी रखें "शिक्षा का महत्व"

लोग आपसे क्या चाहते हैं ?

क्या आपने कभी ऐसा सोचा है- कि बहस खत्म कर दें। दुर्भावना समाप्त कर दें। प्रेम बढ़ा दें। सद्भाव कायम कर दें। सामने वाले व्यक्ति को आपकी बात ध्यान से सुनने पर विवश कर दें । यदि नहीं ! तो सुनिए वह वाक्य यह है कि "मैं आपको बिल्कुल भी दोषी नहीं मानता, अगर मैंपढ़ना जारी रखें "लोग आपसे क्या चाहते हैं ?"

सुकरात के रहस्य? स्वीकृति ।

लोगों से बात शुरू करते समय आप अपने मतभेदों का जिक्र सबसे पहले ना करें । आप पहले उन बातों पर जोड़ दीजिए और जोड़ते रहिए जिन पर आप दोनों सहमत हों । यदि संभव हो तो इस बात पर जोर दीजिए कि आप दोनों का लक्ष्य एक ही है । और आप में अंतरपढ़ना जारी रखें "सुकरात के रहस्य? स्वीकृति ।"

समय का उपयोग

क्या आपने कभी सोचा है कि आजकल हमें समय की इतनी कमी क्यों महसूस होती है? समय पर काम न करने या होने पर हम झल्ला जाते हैं, गुस्सा हो जाते हैं, चिढ़ जाते हैं,तनाव में आ जाते हैं । समय की कमी के चलते हम लगभग हर पल जल्दबाजी और हड़बड़ी में रहते हैं।पढ़ना जारी रखें "समय का उपयोग"

मृत्यु सबको आती है

मृत्यु कोई शब्द नही बल्कि, हिन्दू धर्म के महाभारत ग्रन्थ के अनुसार, मृत्यु एक परम पवित्र मंगलकारी देवी है। सामान्य भाषा मे किसी भी जीवात्मा अर्थात प्राणी के जीवन के अन्त को मृत्यु कहते हैं। मृत्यु सामान्यतः वृद्धावस्था, लालच, मोह,रोग,, कुपोषण के परिणामस्वरूप होती है। मुख्यतया मृत्यु के 101 स्वरूप होते है, लेकिन मुख्य 8 प्रकार की होती है। जिसमे बुढ़ापा,पढ़ना जारी रखें "मृत्यु सबको आती है"

कोरोना के कहर से क्या आप बचे हैं ?

नमस्कार! बांधुवों आज पूरा विश्व एक ऐसी महामारी से जूझ रहा है जिसका अब तक कोई समुचित इलाज नहीं है। अमेरिका , चीन , इटली, स्पेन और विश्व के लगभग सभी छोटे बड़े देश इस महामारी से त्रस्त हैं। हमारा भारत भी अछूता नहीं रहा इस महामारी से ।जैसा कि हमने आपसे पहले भी चर्चापढ़ना जारी रखें "कोरोना के कहर से क्या आप बचे हैं ?"

क्या हम कुछ प्रश्न स्वयं से कर सकते हैं?

नकारात्मक प्रभावों के खिलाफ, चाहे आपके स्वयं के बनाए हुए हों ,या आपके आस पास नकारात्मक लोगों की गतिविधियों के परिणाम हों , अपने आप को बचाने के लिए पहचानें कि आप के पास एक इच्छा शक्ति है, इसका तब तक प्रयोग करें, जब तक यह आपके मस्तिष्क में प्रतिरोधक क्षमता की एक दीवार नपढ़ना जारी रखें "क्या हम कुछ प्रश्न स्वयं से कर सकते हैं?"

क्या हम जो चाहेंगे वो मिलेगा?

नमस्कार! हमारे मन में बहुत सी इक्षाएं रहती हैं और हम उन्हें पाने के लिए लालायित रहते हैं। परन्तु क्या सब मिल पाता है? अयिए! समझते हैं। एक चुंबक लें! आप उसे लकड़ी के पास ले जाएं। क्या लकड़ी चुंबक की ओर आकर्षित होगी ? नहीं... तांबा, रबर पर भी उसका प्रभाव नही होगा। अबपढ़ना जारी रखें "क्या हम जो चाहेंगे वो मिलेगा?"

क्या हमें अपनी क्षमता पता है?

एक बहुत ही रोचक कहानी आपको बताता हूं । किसी जंगल में एक शेर का जोड़ा था। समय आने पर शेरनी ने एक बच्चा जन्मा । यह बहुत छोटा था।एक दिन उसके मा बाप शिकार पर गए थे। आने में देर हो गई। वह बच्चा भूख से तड़पने लगा । खाने की तलाश में वहपढ़ना जारी रखें "क्या हमें अपनी क्षमता पता है?"

मै सफल क्यों नहीं ?

बहुत से मनुष्य अपने जीवन में योग्य होते हैं। योग्यता के बावजूद वे अपने पूरे जीवन में बहुत थोड़ा काम कर पाते हैं। इसका मतलब यह है कि वे अपनी योग्यता के अभिमान में आकर कई क्षेत्रों में काम करना शुरू कर देते हैं अथवा निराशावादी हो जाते हैं। वे अपने ही काम में कमीपढ़ना जारी रखें "मै सफल क्यों नहीं ?"

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