📚💥*परिक्रमा-प्रदक्षिणा विशेष💥📚〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ईश्वर पूजा में अगाध श्रद्धा होनी चाहिये। श्रद्धारहित पूजा-अर्चना एवं परिक्रमा सदैव निष्फल हो जाती है। श्रद्धा का ही चमत्कार था, जिसके बल पर श्रीगणेशजीने सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को शिव स्वरूप और माता को शक्ति रूप मानकर अपने ही माता-पिता की परिक्रमा कर भगवान शिव एवं माता पार्वती से सर्वप्रथम पूजेजाने का आशीर्वाद प्राप्त किया।पढ़ना जारी रखें "प्रदक्षिणा क्या है"
हमारे बच्चों के लिए #आचार्य_अभिनेश
अपने बच्चों को थोड़ी छूट दें । हम अभी अच्छी परवरिश के विषय पर बात करेंगे । माता-पिता के रूप में आपकी क्या भूमिका है । लेकिन पहले हम इस बात को समझ लेते हैं कि अपने बच्चों को छूट दें अर्थात अपने बच्चों को समर्थन और प्रोत्साहन दें। इसका मतलब यह कतई नहीं किपढ़ना जारी रखें "हमारे बच्चों के लिए #आचार्य_अभिनेश"
स्त्री बाएं भाग में क्यों ?
पत्नी वामांगी क्यों कहलाती है? शास्त्रों में पत्नी को वामंगी कहा गया है, जिसका अर्थ होता है बाएं अंग का अधिकारी। इसलिए पुरुष के शरीर का बायां हिस्सा स्त्री का माना जाता है।इसका कारण यह है कि भगवान शिव के बाएं अंग से स्त्री की उत्पत्ति हुई है जिसका प्रतीक है शिव का अर्धनारीश्वर शरीर।पढ़ना जारी रखें "स्त्री बाएं भाग में क्यों ?"
“वर्तमान” बीते हुए कल से ज्यादा महत्वपूर्ण है
अतीत में न अटके रहें अतीत चाहे जैसा भी हो , जा चुका है । जो बीत चुका है , उसे बदलने के लिए आप कुछ नहीं कर सकते , इसलिए आपको अपना ध्यान वर्तमान की ओर मोड़ना चाहिए । जो गुज़र गया , उसमें अटके रहने के प्रलोभन को छोड़ना मुश्किल होता है ।पढ़ना जारी रखें "“वर्तमान” बीते हुए कल से ज्यादा महत्वपूर्ण है"
किसी और में बदलाव देखने से अच्छा है खुद को बदलें !
जिसे आप बदल सकते हों उसे बदल दें बाक़ी की चिंता छोड़ दें समय कम है । यह एक ऐसा तथ्य है , जिससे आप बच नहीं सकते । यह तो जीवन की सच्चाई है । अगर समय कम है , तो फिर समझदारी इसी बात में दिखती है कि हम इसे ज़रा भी बर्बादपढ़ना जारी रखें "किसी और में बदलाव देखने से अच्छा है खुद को बदलें !"
क्या सारा कार्य पैसे से ही होता है ?
ज़िंदगी की समस्याओं को ज्यादा हाथों की , ज्यादा नाजुक स्पर्श की ज़रूरत होती है । हममें यह सोचने की प्रवृत्ति होती है कि अगर हम समस्याओं पर पर्याप्त पैसे फेंकें , तो वे सुलझ जाएंगी । हम उन्हें सुलझाने के वास्तविक उपाय खोजने की झंझट से बचना चाहते हैं , जिनमें समय , ध्यानपढ़ना जारी रखें "क्या सारा कार्य पैसे से ही होता है ?"
ज़रा सोचिए
अपने करियर की योजना के लिए आप कौन सा काम - धंधा करने जा रहे हैं ? क्या इस बारे में आपकी कोई योजना है ? कोई बड़ा लक्ष्य ? कोई छोटा लक्ष्य ? अगर आपके पास इनमें से कोई नहीं है , तो इस बात की संभावना अधिक है कि आप भटकते ही रहेंगेपढ़ना जारी रखें "ज़रा सोचिए"
अधिक बोलना भी मूर्खता
कई बार आप दूसरों को इस बारे में बताना चाहेंगे कि आप क्या कर रहे हैं, क्योंकि जाहिर है आप किसी को अपने दिल की बात बताना चाहते हैं । लेकिन देखिए, आप को नहीं बताना चाहिए और आप नहीं बताए तो आपके लिए ही अच्छा होगा । उन्हें यह बात खुद मालूम करने देंपढ़ना जारी रखें "अधिक बोलना भी मूर्खता"
मैं बीमार हूं ?
अवश्य! मैं बीमार हूं । हम सब बीमार हैं । प्रत्येक वह व्यक्ति बीमार है जो अपने आत्मबल को मजबूत नहीं कर पा रहा । अपने आत्मविश्वास को बढ़ा नहीं पा रहा । स्वयं को मजबूत नहीं कर पा रहा वह हर व्यक्ति बीमार है और बहुत बीमार है । यदि हम किसी भी समस्यापढ़ना जारी रखें "मैं बीमार हूं ?"
बस! एक कदम और
असफलता के सबसे सामान्य कारणों में से एक अस्थाई हार द्वारा पैदा होने वाली अड़चन के कारण भाग खड़े होने की आदत है। हर व्यक्ति कभी न कभी इस गलती का दोषी होता है । हम सब में एक सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि हम अपने लक्ष्य पर पहुंचने के कुछ ही पहलेपढ़ना जारी रखें "बस! एक कदम और"