तिथि ,वार ,नक्षत्र ,योग और करण का समन्वय जहां पर हो उसे पंचांग कहते हैं पंचांग के माध्यम से किसी भी मुहूर्त का ज्ञान किया जा सकता है पंचांग ज्योतिष विषय की प्रवेशिका होता है । उसी के द्वारा ग्रहों की स्थिति का त्वरित निर्णय हो पता है । ग्रहों की गति नक्षत्रों का चराचरपढ़ना जारी रखें "पंचांग परिचय"
लक्ष्य निर्धारित करें
आपके पास एक योजना होनी ही चाहिए । योजना एक नक्शा है , पथप्रदर्शक है , लक्ष्य है , फ़ोकस है , मार्ग है , साइनपोस्ट है , दिशा है , राह है , रणनीति है । यह बताती है कि आप कहीं जा रहे हैं , कुछ करने वाले हैं , तय समय परपढ़ना जारी रखें "लक्ष्य निर्धारित करें"
स्वयं को समय दें
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि वे स्वयं को समय देते हैं , लेकिन उनमें से ज़्यादातर लोग गलत सोचते हैं । आपको यह लग सकता है कि आपने अपने लिए हर दिन थोड़ा गुणवत्तापूर्ण समय अलग रखा है , लेकिन मैं यह निश्चित करता हूं कि आप ऐसा नहीं करते हैं । देखिए , एकांतपढ़ना जारी रखें "स्वयं को समय दें"
स्वयं पर विश्वास
नहीं , नहीं , मैं यहाँ पर धार्मिक राग नहीं अलापने वाला हूँ या नए युग की किसी आध्यात्मिक पद्धति की पैरवी करके आपको किसी अजीब संप्रदाय में दाखिल नहीं करवाना चाहता हूँ । मैं तो यहाँ बस इतना कहना चाहता हूँ कि जिन लोगों के पास विश्वास तंत्र होता है , वे संकट औरपढ़ना जारी रखें "स्वयं पर विश्वास"
।।शालिग्राम पूजा का क्या महात्म्य है।।
भगवान शालिग्राम नाराणाय 〰〰🌼〰🌼〰🌼〰〰 भक्तो की अनेक प्रकार की इच्छाये अपने ठाकुर जी के प्रति होती है, किसी भक्त ने इच्छा की, कि भगवान सगुण साकार बनकर आये तो भगवान राम, कृष्ण का रूप लेकर आ गये. किसी भक्त ने कहा मेरे बेटे के रूप में आये तो भगवान कश्यप अदिति के पुत्र के रूपपढ़ना जारी रखें "।।शालिग्राम पूजा का क्या महात्म्य है।।"
पितृपक्ष में क्या है कैसे करें पितरों को तृप्त
#पितृश्राद्धआरम्भपूर्णिमा श्राद्ध - 2/9/20, बुधवार1 प्रतिपदा श्राद्ध - 3/9/20 गुरुवार2 द्वितीया श्राद्ध - 4/9/20 शुक्रवार3 तृतीया श्राद्ध- 5/9/20 शनिवार4 चतुर्थी श्राद्ध-6/9/20 रविवार5 पंचमी श्राद्ध- 7/9/20 सोमवार6 षष्ठी श्राद्ध-8/9/20 मंगलवार7 सप्तमी श्राद्ध- 9/9/20 बुधवार8 अष्टमी श्राद्ध- 10/9/20 गुरुवार9 नवमी श्राद्ध- 11/9/20 शुक्रवार10 दशमी श्राद्ध- 12/9/20 शनिवार11 एकादशी श्राद्ध- 13/9/20 रविवार12 द्वादशी श्राद्ध- 14/9/20 सोमवार13 त्रयोदशी श्राद्ध-पढ़ना जारी रखें "पितृपक्ष में क्या है कैसे करें पितरों को तृप्त"
हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त 21 अगस्त 2020 ?
तीज व्रत कैसे करें 21 अगस्त 2020 शुक्रवार कोरोनावायरस और लॉकडाउन को देखते हुए स्वयं भी घर में व्रत कर सकते हैं जानिए पूजा विधि नियम हरतालिका तीज व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है. अगले दिन सुबह पूजा के बाद जल पीकर व्रत खोलने का विधान है.हरतालिका तीज व्रत एक बार शुरू करनेपढ़ना जारी रखें "हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त 21 अगस्त 2020 ?"
हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त ?
हरितालिका तीज पूजा मुहूर्त सुबह 5 बजकर 54 मिनट से सुबह 8 बजकर 30 मिनट तक.शाम को हरितालिका तीज पूजा मुहूर्त शाम 6 बजकर 54 मिनट से रात 9 बजकर 6 मिनट तक.तृतीया तिथि प्रारंभ 20/21 अगस्त की प्रातः 04 बजकर 14 मिनट से.तृतीया तिथि समाप्त 21/22 अगस्त रात 1 बजकर 59 मिनट तक. हरितालिकापढ़ना जारी रखें "हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त ?"
पीपल के वृक्ष का महत्व
🌳पीपल को वृक्षों का राजा कहते है। इसकी वंदना में एक श्लोक देखिए:-मूलम् ब्रह्मा, त्वचा विष्णु,सखा शंकरमेवच ।पत्रे-पत्रेका सर्वदेवानाम,वृक्षराज नमोस्तुते ।।🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱हिदु धर्म में पीपल के पेड़ का बहुत महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस वृक्ष में सभी देवी-देवताओं और हमारे पितरों का वास भी माना गया है। पीपल वस्तुत: भगवान विष्णु का जीवन्तपढ़ना जारी रखें "पीपल के वृक्ष का महत्व"
सोलह संस्कार जानिए कौन से हैं
सोलह संस्कारों की संपूर्ण विधि