मोक्ष क्या है ? मोक्ष शब्द सुनते ही मन में, लोगों में यह धारणा उत्पन्न होती है कि मृत्यु के बाद कोई ऐसा राज सिंहासन ,कोई ऐसा दिव्य स्थल ,कोई ऐसी दिव्य व्यवस्था ,कोई ऐसा दिव्य भोग मिलेगा जिसमें सब सुख ! हर प्रकार की सुविधाएं! हर प्रकार का विलास उत्पन्न हो! सामान्य से जीवनपढ़नापढ़ना जारी रखें “Moksha – मोक्ष”
Category Archives: Uncategorized
धर्म
धर्मेण हन्यते व्याधि धर्मेण हन्यते ग्रहाः।धर्मेण हन्यते शत्रून् यतो धर्मस्ततो जयः।। धर्म करने से संपूर्ण प्रकार के क्लेश, दुख ,दोष का निवारण होता है धर्म ही एक ऐसा साधन है जिससे मनुष्य स्वयं और अपने संपूर्ण बंधु बांधवों के कष्टों का निवारण करने में समर्थ होता है धर्म करने से रोग की शांति होती हैपढ़नापढ़ना जारी रखें “धर्म”
Satya , सत्य
सत्कर्म करने के हेतु अच्छा कर्म करने के हेतु जीवन में सदैव उत्तमता आने के हेतु सत्य का पालन करना परम धर्म होता है सत्य अर्थात जीवन में सदैव सत्कर्म करने का संकल्प लेना जीवन की वह अच्छाई जिसके माध्यम से संपूर्ण समाज का हित हो संपूर्ण लोक का कल्याण हो और धर्म युक्त होतेपढ़नापढ़ना जारी रखें “Satya , सत्य”