सफलता का रहस्य

अगर सफलता का कोई रहस्य है तो वह यह है कि हमें यह क्षमता हो कि हम सामने वाले का नजरिया समझ सकें और हम किसी घटना को अपने नजरिए के साथ साथ सामने वाले के नजरिए से भी देख सकें । मैं इसे फिर एक बार दोहराना चाहूंगा अगर सफलता का कोई रहस्य हैपढ़नापढ़ना जारी रखें “सफलता का रहस्य”

सुधार

नमस्कार! क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे आप बदलना चाहते हों, सुधारना चाहते हों, उसे और बेहतर बनाना चाहते हों। बहुत बढ़िया! यह अद्भुत विचार हैं, बहुत अच्छा विचार है। मैं भी इसके पक्ष में हूं । परंतु क्यों ना खुद से ही शुरुआत की जाए? विशुद्ध स्वार्थी ढंग से सोचें तोपढ़नापढ़ना जारी रखें “सुधार”

परिवर्तन

अगर आप किसी को कुछ सिखाना चाहोगे तो कभी नहीं सिखेगा । किसीने सच ही कहा था सीखना एक सक्रिय भागीदारी है । हम करते-करते ही सीखते हैं। अगर आप इस सिद्धांत पर अमल करने का की इच्छा रखते हैं तो अपने जीवन में उनका प्रयोग करें हर मौके पर इन नियमों पर अमल करें।पढ़नापढ़ना जारी रखें “परिवर्तन”

नवरात्रि पर्व , navratri parva

नवरात्रि पर्व नवरात्री तक माता की उपासना करने का विशेष पर्व है इसमें मां भगवती के नौ अलग-अलग रूपों की आराधना की जाती है यह नवरात्रि वर्ष के चार भागों में विभाजित है नवरात्रि का 2 पर्व उत्तरायण में और 2 पर्व दक्षिणायन में होता है या ऐसा कहा जा सकता है चार नवरात्र होतेपढ़नापढ़ना जारी रखें “नवरात्रि पर्व , navratri parva”

devotement, समर्पण

समर्पण हमारे जीवन का आधार है समर्पण परमात्मा के प्रति हो अपने माता-पिता के प्रति हो, अपने कर्म के प्रति हो, अथवा अपने जीवन के प्रति। जहां पर मन के भाव आपकी ऊर्जा आपका सामर्थ पूर्णतः समर्पित हो जाए तब आप अपने आप को योग्य समझ सकते हैं।

Life , जीवन क्या है

जीवन ईश्वर के द्वारा दिया हुआ एक ऐसा वरदान है जो हमेशा हमें यह ज्ञात करवाता है, कि आप क्या है और आप क्या कर सकते हैं ,आपको क्या करना चाहिए। यह जीवन हमेशा हमें सिखाता है किस प्रकार से समय के साथ , समय के अनुरूप और समय के महत्व को समझकर के चलनापढ़नापढ़ना जारी रखें “Life , जीवन क्या है”

Sadguru , सद्गुरु

सद्गुरु का तात्पर्य होता है सच्चा गुरु, सद् शब्द का तात्पर्य होता है अच्छा ,सत्कर्मी, सनातनी। गुरु का तात्पर्य होता है ज्ञान देने वाला प्रकाश देने वाला जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाये वह गुरु होता है गु का अर्थ है अंधकार रू का अर्थ होता है प्रकाश अर्थात अंधकार से प्रकाश कीपढ़नापढ़ना जारी रखें “Sadguru , सद्गुरु”

पूजा क्या है ? What is worship

पूजा! अपने उस व्यक्ति, वस्तु ,प्राकृतिक संपदा तथा परमात्मा की सेवा करने का, आदर करने का, respect करने का भाव है पूजा l पूजा शब्द का हम लोग ज्यादातर प्रयोग भगवान की आराधना में करते हैं कहा जाता है भगवान की पूजा है पूजा अर्थात श्रेष्ठ का सम्मान करने की विधि को पूजा कहा जातापढ़नापढ़ना जारी रखें “पूजा क्या है ? What is worship”

योग — Yog

योग दो प्रकार का होता है प्रथम आंतरिक दूसरा शारीरिक योग l शारीरिक योग कई माध्यमों से किया जाने वाला जैसे प्राणायाम एवं अन्य योगासन आंतरिक योग जोकि पूर्ण रूप से परमात्मा के सन्निकट पहुंचने हेतु प्रयत्न करना अंतर योग माना जाता है l जिसने अध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त की वह आंतरिक योग अर्थात परमात्मा सेपढ़नापढ़ना जारी रखें “योग — Yog”

श्राद्ध

पितरों के उद्देश्य से विधिपूर्वक जो कर्म श्रद्धा से किया जाता है उसे श्राद्ध कहते हैं श्रद्धया पितृन् उद्दिश्य विधिना क्रियते यत् कर्म तत् श्राद्धम् श्रद्धा से ही से ही श्राद्ध शब्द की निष्पत्ति होती है। श्रद्धया दीयते यस्मात् तत् श्राद्धम् आदि अनेक ऐसे प्रमाण हैं जोकि धर्मशास्त्रों में श्राद्ध के प्रतिरूप में बताया जातापढ़नापढ़ना जारी रखें “श्राद्ध”

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