हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त ?

हरितालिका तीज पूजा मुहूर्त सुबह 5 बजकर 54 मिनट से सुबह 8 बजकर 30 मिनट तक.शाम को हरितालिका तीज पूजा मुहूर्त शाम 6 बजकर 54 मिनट से रात 9 बजकर 6 मिनट तक.तृतीया तिथि प्रारंभ 20/21 अगस्त की प्रातः 04 बजकर 14 मिनट से.तृतीया तिथि समाप्त 21/22 अगस्त रात 1 बजकर 59 मिनट तक. हरितालिकापढ़नापढ़ना जारी रखें “हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त ?”

हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त 21 अगस्त 2020 ?

तीज व्रत कैसे करें 21 अगस्त 2020 शुक्रवार कोरोनावायरस और लॉकडाउन को देखते हुए स्वयं भी घर में व्रत कर सकते हैं जानिए पूजा विधि नियम हरतालिका तीज व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है. अगले दिन सुबह पूजा के बाद जल पीकर व्रत खोलने का विधान है.हरतालिका तीज व्रत एक बार शुरू करनेपढ़नापढ़ना जारी रखें “हरितालिका तीज व्रत कैसे करें क्या है उत्तम मुहूर्त 21 अगस्त 2020 ?”

पीपल के वृक्ष का महत्व

🌳पीपल को वृक्षों का राजा कहते है। इसकी वंदना में एक श्लोक देखिए:-मूलम् ब्रह्मा, त्वचा विष्णु,सखा शंकरमेवच ।पत्रे-पत्रेका सर्वदेवानाम,वृक्षराज नमोस्तुते ।।🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱हिदु धर्म में पीपल के पेड़ का बहुत महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस वृक्ष में सभी देवी-देवताओं और हमारे पितरों का वास भी माना गया है। पीपल वस्तुत: भगवान विष्णु का जीवन्तपढ़नापढ़ना जारी रखें “पीपल के वृक्ष का महत्व”

प्रदक्षिणा क्या है

📚💥*परिक्रमा-प्रदक्षिणा विशेष💥📚〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ईश्वर पूजा में अगाध श्रद्धा होनी चाहिये। श्रद्धारहित पूजा-अर्चना एवं परिक्रमा सदैव निष्फल हो जाती है। श्रद्धा का ही चमत्कार था, जिसके बल पर श्रीगणेशजीने सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को शिव स्वरूप और माता को शक्ति रूप मानकर अपने ही माता-पिता की परिक्रमा कर भगवान शिव एवं माता पार्वती से सर्वप्रथम पूजेजाने का आशीर्वाद प्राप्त किया।पढ़नापढ़ना जारी रखें “प्रदक्षिणा क्या है”

हमारे बच्चों के लिए #आचार्य_अभिनेश

अपने बच्चों को थोड़ी छूट दें । हम अभी अच्छी परवरिश के विषय पर बात करेंगे । माता-पिता के रूप में आपकी क्या भूमिका है । लेकिन पहले हम इस बात को समझ लेते हैं कि अपने बच्चों को छूट दें अर्थात अपने बच्चों को समर्थन और प्रोत्साहन दें। इसका मतलब यह कतई नहीं किपढ़नापढ़ना जारी रखें “हमारे बच्चों के लिए #आचार्य_अभिनेश”

स्त्री बाएं भाग में क्यों ?

पत्नी वामांगी क्यों कहलाती है? शास्त्रों में पत्नी को वामंगी कहा गया है, जिसका अर्थ होता है बाएं अंग का अधिकारी। इसलिए पुरुष के शरीर का बायां हिस्सा स्त्री का माना जाता है।इसका कारण यह है कि भगवान शिव के बाएं अंग से स्त्री की उत्पत्ति हुई है जिसका प्रतीक है शिव का अर्धनारीश्वर शरीर।पढ़नापढ़ना जारी रखें “स्त्री बाएं भाग में क्यों ?”

“वर्तमान” बीते हुए कल से ज्यादा महत्वपूर्ण है

अतीत में न अटके रहें अतीत चाहे जैसा भी हो , जा चुका है । जो बीत चुका है , उसे बदलने के लिए आप कुछ नहीं कर सकते , इसलिए आपको अपना ध्यान वर्तमान की ओर मोड़ना चाहिए । जो गुज़र गया , उसमें अटके रहने के प्रलोभन को छोड़ना मुश्किल होता है ।पढ़नापढ़ना जारी रखें ““वर्तमान” बीते हुए कल से ज्यादा महत्वपूर्ण है”

किसी और में बदलाव देखने से अच्छा है खुद को बदलें !

जिसे आप बदल सकते हों उसे बदल दें बाक़ी की चिंता छोड़ दें समय कम है । यह एक ऐसा तथ्य है , जिससे आप बच नहीं सकते । यह तो जीवन की सच्चाई है । अगर समय कम है , तो फिर समझदारी इसी बात में दिखती है कि हम इसे ज़रा भी बर्बादपढ़नापढ़ना जारी रखें “किसी और में बदलाव देखने से अच्छा है खुद को बदलें !”

क्या सारा कार्य पैसे से ही होता है ?

ज़िंदगी की समस्याओं को ज्यादा हाथों की , ज्यादा नाजुक स्पर्श की ज़रूरत होती है । हममें यह सोचने की प्रवृत्ति होती है कि अगर हम समस्याओं पर पर्याप्त पैसे फेंकें , तो वे सुलझ जाएंगी । हम उन्हें सुलझाने के वास्तविक उपाय खोजने की झंझट से बचना चाहते हैं , जिनमें समय , ध्यानपढ़नापढ़ना जारी रखें “क्या सारा कार्य पैसे से ही होता है ?”

ज़रा सोचिए

अपने करियर की योजना के लिए आप कौन सा काम – धंधा करने जा रहे हैं ? क्या इस बारे में आपकी कोई योजना है ? कोई बड़ा लक्ष्य ? कोई छोटा लक्ष्य ? अगर आपके पास इनमें से कोई नहीं है , तो इस बात की संभावना अधिक है कि आप भटकते ही रहेंगेपढ़नापढ़ना जारी रखें “ज़रा सोचिए”

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