अठारह पुराण उनके नाम और उनका संक्षिप्त परिचय।

〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️पुराण शब्द का अर्थ है प्राचीन कथा। पुराण विश्व साहित्य के प्रचीनत्म ग्रँथ हैं। उन में लिखित ज्ञान और नैतिकता की बातें आज भी प्रासंगिक, अमूल्य तथा मानव सभ्यता की आधारशिला हैं। वेदों की भाषा तथा शैली कठिन है। पुराण उसी ज्ञान के सहज तथा रोचक संस्करण हैं। उन में जटिल तथ्यों को कथाओं केपढ़नापढ़ना जारी रखें “अठारह पुराण उनके नाम और उनका संक्षिप्त परिचय।”

पंडितोंकेलिए_ध्यातव्य

कर्मकांडी ब्राह्मण अवश्य ध्यान दें! 🚩कृपया जप /पाठ के समय बातचीत न करें।🚩कृपया जप /पाठ के समय मोबाइल आफ या साइलेंट रखें।🚩कृपया स्वच्छ वस्त्र धारण करें।🚩कृपया अनुष्ठान में कटे फटे, पुराने , जले ,श्रीहत हुए नीला या नील दिया हुआ वस्त्र न धारण करें ।अनुष्ठान अनुरूप ही वस्त्र धारण करें।।🚩भगवत नाम लिखे हुए या भगवानपढ़नापढ़ना जारी रखें “पंडितोंकेलिए_ध्यातव्य”

संध्या करने की विधि

!! सध्या वंदन !! प्रातः ब्रह्मगायत्री ( १ ) पवित्रीकरणम् ॐ अपवित्र: पवित्रो वेत्यस्य वामदेव ऋषि: विष्णुर्देवता गायत्रीच्छन्द: हृदि पवित्रकरणे विनियोग:। ॐ अपवित्र पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि:।। ( २ ) त्रिराचमनम् अन्तर्जानुहस्त: संहताङ्गुलिना शुद्धजलं गृहीत्वा मुक्ताङगुष्ठकनिष्ठेनवामेनान्वारब्धपाणिना ब्रह्मतीर्थेन त्रिरप: पिबेत्।१ 👉 ॐ केशवाय नमः२ 👉 ॐ नारायणाय नमः३ 👉 ॐपढ़नापढ़ना जारी रखें “संध्या करने की विधि”

सभी देवताओं का ध्यान मंत्र

श्री गणेशजय गणनायक सिद्धि विनायक मंगलदायक मोक्ष प्रदाता ।हो तुम ही सबके शुभदायक कष्ट हरो हे भाग्य विधाता ।।ऋद्धि औ सिद्धि के स्वामी तुम्हीं हो पिता शुभ – लाभ के भवदाता ।छोड़ि के गोदि माँ गौरी की आओ तुम्हे आज भक्त तुम्हारा बुलाता ।। 2वन्दहु शम्भु भवानी के नन्दन , आनन्द कन्द निकन्द पति जैपढ़नापढ़ना जारी रखें “सभी देवताओं का ध्यान मंत्र”

सनातन धर्म की कुछ ऐसी जानकारी जो आपको जानना ही चाहिए

1-अष्टाध्यायी पाणिनी2-रामायण वाल्मीकि3-महाभारत वेदव्यास4-अर्थशास्त्र चाणक्य5-महाभाष्य पतंजलि6-सत्सहसारिका सूत्र नागार्जुन7-बुद्धचरित अश्वघोष8-सौंदरानन्द अश्वघोष9-महाविभाषाशास्त्र वसुमित्र10- स्वप्नवासवदत्ता भास11-कामसूत्र वात्स्यायन12-कुमारसंभवम् कालिदास13-अभिज्ञानशकुंतलम् कालिदास14-विक्रमोउर्वशियां कालिदास15-मेघदूत कालिदास16-रघुवंशम् कालिदास17-मालविकाग्निमित्रम् कालिदास18-नाट्यशास्त्र भरतमुनि19-देवीचंद्रगुप्तम विशाखदत्त20-मृच्छकटिकम् शूद्रक21-सूर्य सिद्धान्त आर्यभट्ट22-वृहतसिंता बरामिहिर23-पंचतंत्र। विष्णु शर्मा24-कथासरित्सागर सोमदेव25-अभिधम्मकोश वसुबन्धु26-मुद्राराक्षस विशाखदत्त27-रावणवध। भटिट28-किरातार्जुनीयम् भारवि29-दशकुमारचरितम् दंडी30-हर्षचरित वाणभट्ट31-कादंबरी वाणभट्ट32-वासवदत्ता सुबंधु33-नागानंद हर्षवधन34-रत्नावली हर्षवर्धन35-प्रियदर्शिका हर्षवर्धन36-मालतीमाधव भवभूति37-पृथ्वीराज विजय जयानक38-कर्पूरमंजरी राजशेखर39-काव्यमीमांसा राजशेखर40-नवसहसांक चरित पदम् गुप्त41-शब्दानुशासन राजभोज42-वृहतकथामंजरी क्षेमेन्द्र43-नैषधचरितम श्रीहर्ष44-विक्रमांकदेवचरित बिल्हण45-कुमारपालचरित हेमचन्द्र46-गीतगोविन्द जयदेव47-पृथ्वीराजरासो चंदरवरदाई48-राजतरंगिणीपढ़नापढ़ना जारी रखें “सनातन धर्म की कुछ ऐसी जानकारी जो आपको जानना ही चाहिए”

पंचांग परिचय

तिथि ,वार ,नक्षत्र ,योग और करण का समन्वय जहां पर हो उसे पंचांग कहते हैं पंचांग के माध्यम से किसी भी मुहूर्त का ज्ञान किया जा सकता है पंचांग ज्योतिष विषय की प्रवेशिका होता है । उसी के द्वारा ग्रहों की स्थिति का त्वरित निर्णय हो पता है । ग्रहों की गति नक्षत्रों का चराचरपढ़नापढ़ना जारी रखें “पंचांग परिचय”

स्वयं को समय दें

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि वे स्वयं को समय देते हैं , लेकिन उनमें से ज़्यादातर लोग गलत सोचते हैं । आपको यह लग सकता है कि आपने अपने लिए हर दिन थोड़ा गुणवत्तापूर्ण समय अलग रखा है , लेकिन मैं यह निश्चित करता हूं कि आप ऐसा नहीं करते हैं । देखिए , एकांतपढ़नापढ़ना जारी रखें “स्वयं को समय दें”

स्वयं पर विश्वास

नहीं , नहीं , मैं यहाँ पर धार्मिक राग नहीं अलापने वाला हूँ या नए युग की किसी आध्यात्मिक पद्धति की पैरवी करके आपको किसी अजीब संप्रदाय में दाखिल नहीं करवाना चाहता हूँ । मैं तो यहाँ बस इतना कहना चाहता हूँ कि जिन लोगों के पास विश्वास तंत्र होता है , वे संकट औरपढ़नापढ़ना जारी रखें “स्वयं पर विश्वास”

।।शालिग्राम पूजा का क्या महात्म्य है।।

भगवान शालिग्राम नाराणाय 〰〰🌼〰🌼〰🌼〰〰 भक्तो की अनेक प्रकार की इच्छाये अपने ठाकुर जी के प्रति होती है, किसी भक्त ने इच्छा की, कि भगवान सगुण साकार बनकर आये तो भगवान राम, कृष्ण का रूप लेकर आ गये. किसी भक्त ने कहा मेरे बेटे के रूप में आये तो भगवान कश्यप अदिति के पुत्र के रूपपढ़नापढ़ना जारी रखें “।।शालिग्राम पूजा का क्या महात्म्य है।।”

पितृपक्ष में क्या है कैसे करें पितरों को तृप्त

#पितृश्राद्धआरम्भपूर्णिमा श्राद्ध – 2/9/20, बुधवार1 प्रतिपदा श्राद्ध – 3/9/20 गुरुवार2 द्वितीया श्राद्ध – 4/9/20 शुक्रवार3 तृतीया श्राद्ध- 5/9/20 शनिवार4 चतुर्थी श्राद्ध-6/9/20 रविवार5 पंचमी श्राद्ध- 7/9/20 सोमवार6 षष्ठी श्राद्ध-8/9/20 मंगलवार7 सप्तमी श्राद्ध- 9/9/20 बुधवार8 अष्टमी श्राद्ध- 10/9/20 गुरुवार9 नवमी श्राद्ध- 11/9/20 शुक्रवार10 दशमी श्राद्ध- 12/9/20 शनिवार11 एकादशी श्राद्ध- 13/9/20 रविवार12 द्वादशी श्राद्ध- 14/9/20 सोमवार13 त्रयोदशी श्राद्ध-पढ़नापढ़ना जारी रखें “पितृपक्ष में क्या है कैसे करें पितरों को तृप्त”

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