वंसवृद्धिकरो वंसः,तज्ज्वलनं पितृदोषकृत्।न तस्य ज्वलनं कार्यमिति शास्त्रेषु सम्मतम्।।शास्त्रों में कथन है कि बांस या बम्बू वंशवृद्धि कर काष्ठ है ।इसके जलानें से पितर रुष्ट हो जाते है ।इसीलिए इसे न तो श्मशान में जलाया जाता है ।न ही समिधा हेतु ही यज्ञ में प्रयुक्त किया जाता है। जिससे प्रत्यक्ष नही वरन् परम्परया यह आभास होतापढ़नापढ़ना जारी रखें “अगरबत्ती और बांस जलाना शास्त्र निषिद्ध है”