सर्व गायत्रीमन्त्राः

145 देवो के गायत्री मंत्र………..1 सूर्य ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥2 ॐ आदित्याय विद्महे सहस्रकिरणाय धीमहि तन्नो भानुः प्रचोदयात् ॥3 ॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥4 ॐ अश्वध्वजाय विद्महे पाशहस्ताय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥5 ॐ भास्कराय विद्महे महद्द्युतिकराय धीमहि तन्न आदित्यः प्रचोदयात् ॥6 ॐपढ़नापढ़ना जारी रखें “सर्व गायत्रीमन्त्राः”

अठारह पुराण उनके नाम और उनका संक्षिप्त परिचय।

〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️पुराण शब्द का अर्थ है प्राचीन कथा। पुराण विश्व साहित्य के प्रचीनत्म ग्रँथ हैं। उन में लिखित ज्ञान और नैतिकता की बातें आज भी प्रासंगिक, अमूल्य तथा मानव सभ्यता की आधारशिला हैं। वेदों की भाषा तथा शैली कठिन है। पुराण उसी ज्ञान के सहज तथा रोचक संस्करण हैं। उन में जटिल तथ्यों को कथाओं केपढ़नापढ़ना जारी रखें “अठारह पुराण उनके नाम और उनका संक्षिप्त परिचय।”

पंडितोंकेलिए_ध्यातव्य

कर्मकांडी ब्राह्मण अवश्य ध्यान दें! 🚩कृपया जप /पाठ के समय बातचीत न करें।🚩कृपया जप /पाठ के समय मोबाइल आफ या साइलेंट रखें।🚩कृपया स्वच्छ वस्त्र धारण करें।🚩कृपया अनुष्ठान में कटे फटे, पुराने , जले ,श्रीहत हुए नीला या नील दिया हुआ वस्त्र न धारण करें ।अनुष्ठान अनुरूप ही वस्त्र धारण करें।।🚩भगवत नाम लिखे हुए या भगवानपढ़नापढ़ना जारी रखें “पंडितोंकेलिए_ध्यातव्य”

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